🏛️ अध्याय 3: कनाडा का इतिहास
3.2.2 समायोजन की एक परंपरा
1 paragraphs · 3 questions
फ्रांसीसी रोमन कैथोलिक बहुमत पर बेहतर शासन करने के लिए, ब्रिटिश संसद ने 1774 का क्यूबेक अधिनियम पारित किया। यह कनाडा के संवैधानिक आधारों में से एक है। इस अधिनियम ने ब्रिटिश संस्थाओं को प्रांत की वास्तविक स्थिति के अनुकूल बनाया। इसने कैथोलिकों को धर्म की स्वतंत्रता दी, और उन्हें सार्वजनिक पद धारण करने की अनुमति दी — उस समय ब्रिटेन में कैथोलिकों को ऐसा करने की अनुमति नहीं थी। इसने फ्रांसीसी नागरिक कानून को भी वापस लाया, जबकि आपराधिक कानून ब्रिटिश ही रहा।
Key Facts
- 1774 का क्यूबेक अधिनियम: कनाडा का एक संवैधानिक आधार
- कैथोलिकों को धार्मिक स्वतंत्रता दी और उन्हें सार्वजनिक पद धारण करने की अनुमति दी
- उस समय ब्रिटेन में कैथोलिक स्वयं पद धारण नहीं कर सकते थे
- फ्रांसीसी नागरिक कानून को बहाल किया लेकिन ब्रिटिश आपराधिक कानून को बनाए रखा
📝 अध्ययन नोट्स
- अधिनियम ने कैथोलिकों को धार्मिक स्वतंत्रता और सार्वजनिक पद का अधिकार दिया, कुछ ऐसा जिसकी ब्रिटेन ने स्वयं अभी तक अनुमति नहीं दी थी।
- अधिनियम ने नागरिक मामलों के लिए फ्रांसीसी नियमों को वापस लाया लेकिन आपराधिक मामलों के लिए ब्रिटिश प्रणाली को बनाए रखा।
- ब्रिटेन ने यह अधिनियम इसलिए पारित किया ताकि वह एक ऐसे प्रांत पर शासन कर सके जो मुख्य रूप से फ्रांसीसी और कैथोलिक था, और यह कनाडा के संवैधानिक आधारशिलाओं में से एक है। कैथोलिकों को पूजा की स्वतंत्रता और सार्वजनिक पद धारण करने का अधिकार मिला, जो उस समय ब्रिटेन में उनके लिए अभी भी वर्जित था, और फ्रांसीसी नागरिक कानून वापस आ गया जबकि आपराधिक कानून ब्रिटिश ही रहा।
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3 से अभ्यास प्रश्न “समायोजन की एक परंपरा”, प्रत्येक का उत्तर समझाया गया है।
- क्यूबेक अधिनियम ने रोमन कैथोलिकों को क्या करने की अनुमति दी?
- क्यूबेक अधिनियम ने उपनिवेश की दो कानून प्रणालियों के साथ कैसा व्यवहार किया?
- क्यूबेक एक्ट 1774 ने क्या बदला?
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