🏛️ अध्याय 3: कनाडा का इतिहास
3.3.3 1837-38 के विद्रोह
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अपर और लोअर कनाडा में, 1830 के दशक के दौरान सुधारक अधीर हो गए। उनके लिए, लोकतंत्र बहुत धीमी गति से आ रहा था। कुछ ने अमेरिकी गणतंत्रवादी मूल्यों की ओर देखा, और कुछ संयुक्त राज्य अमेरिका में शामिल होना चाहते थे। 1837-38 में सशस्त्र विद्रोह हुए। एक टोरंटो में उठा, दूसरा मॉन्ट्रियल के पास ग्रामीण इलाकों में। किसी भी विद्रोह को जीतने के लिए जनसमर्थन बहुत कम था। ब्रिटिश सैनिकों और कनाडाई स्वयंसेवकों ने विद्रोहियों को दबा दिया। कुछ विद्रोहियों को फाँसी दी गई, कुछ को निर्वासन में भेज दिया गया, और उनमें से कई निर्वासित बाद में वापस आ गए।
Key Facts
- 1830 के दशक के सुधारकों को लगा कि लोकतंत्र बहुत धीमी गति से आ रहा है।
- 1837-38 में मॉन्ट्रियल के पास और टोरंटो में सशस्त्र विद्रोह हुए।
- जनसमर्थन बहुत कम था; सैनिकों और स्वयंसेवकों ने विद्रोहियों को हराया।
- कुछ को फाँसी दी गई, कुछ को निर्वासित किया गया, और कुछ निर्वासित वापस लौट आए।
इंग्लैंड ने एक सुधारक, लॉर्ड डरहम को विद्रोहों का अध्ययन करने और रिपोर्ट देने के लिए भेजा। उनकी रिपोर्ट से दो बातें सामने आईं। पहला, वह अपर और लोअर कनाडा को एक साथ जोड़ना और उन्हें जिम्मेदार सरकार देना चाहते थे — जिसका अर्थ है कि क्राउन के मंत्री तभी शासन कर सकते हैं जब अधिकांश निर्वाचित सदस्य उनका समर्थन करें। दूसरा, और कहीं अधिक विवादास्पद रूप से, उन्होंने दावा किया कि कैनेडियन अंग्रेजी बोलने वाली प्रोटेस्टेंट संस्कृति में घुलमिल कर सबसे तेजी से प्रगति करेंगे। इस बिंदु पर उन्होंने फ्रांसीसी कनाडाई लोगों को बहुत कम समझा। वे चाहते थे कि फ्रांसीसी कनाडा अपनी अलग पहचान बनाए रखे।
Key Facts
- एक अंग्रेजी सुधारक लॉर्ड डरहम ने विद्रोहों की जाँच की।
- उन्होंने अपर और लोअर कनाडा को मिलाने की सिफारिश की।
- जिम्मेदार सरकार: मंत्रियों को निर्वाचित सदस्यों के बहुमत की आवश्यकता होती है।
- उनकी आत्मसात्करण की सलाह ने फ्रांसीसी कनाडा की विशिष्ट पहचान की उपेक्षा की।
📝 अध्ययन नोट्स
- मॉन्ट्रियल के पास ग्रामीण इलाकों में और टोरंटो में लड़ाई भड़क उठी, लेकिन ब्रिटिश सैनिकों और कनाडाई स्वयंसेवकों ने दोनों को दबा दिया।
- डरहम, एक अंग्रेजी सुधारक, ने दोनों कनाडा को एकजुट करने और उन्हें जिम्मेदार सरकार सौंपने का प्रस्ताव रखा।
- मंत्री तभी पद पर रह सकते हैं जब निर्वाचित सदस्यों का बहुमत उनका समर्थन करता हो।
- आत्मसात करने की उनकी मांग ने दिखाया कि वे फ्रांसीसी कैनेडियन लोगों की अपनी पहचान बनाए रखने की दृढ़ता को नहीं समझ पाए थे।
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4 से अभ्यास प्रश्न “1837-38 के विद्रोह”, प्रत्येक का उत्तर समझाया गया है।
- 1837-38 के सशस्त्र विद्रोह कहाँ भड़के थे?
- विद्रोहों की जाँच के बाद लॉर्ड डरहम ने क्या सिफारिश की थी?
- "जिम्मेदार सरकार" का क्या अर्थ है?
- लॉर्ड डरहम की किस सिफारिश से स्थायी आपत्ति हुई?
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